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वैदिक परंपरा, शुद्ध मंत्रोच्चार और संपूर्ण विधि-विधान से संपन्न होने वाले पावन अनुष्ठान एवं कथा ज्ञान यज्ञ। यजमान के गृह, देवालय अथवा निर्धारित स्थल पर आयोजन।
प्रत्येक अनुष्ठान का यजमान के नाम, गोत्र एवं अनुकूल नक्षत्र-मुहूर्त अनुसार संकल्प किया जाता है।

भगवान शिव का पंचामृत एवं गंगाजल से रुद्राष्टाध्यायी मंत्रों द्वारा महाभिषेक। आरोग्यता और शांति का परम साधन।

सप्त दिवसीय पावन भागवत कथा ज्ञान यज्ञ। मोक्ष दायिनी कथा का श्रवण एवं भक्तिमय वातावरण।

शत्रु बाधा, भय निवारण एवं मनोकामना सिद्धि हेतु मां जगदम्बा का संपुट पाठ एवं हवन।

नए भवन में सुख, शांति और समृद्धि के वास हेतु नवग्रह पूजन, वास्तु हवन एवं कलश स्थापना।

पूर्वजों की आत्मिक तृप्ति और पितृ दोष शांति हेतु वैदिक विधि से पिंडदान एवं तर्पण।

अकाल मृत्यु के भय और असाध्य रोगों से रक्षा हेतु सवा लाख महामृत्युंजय मंत्र जप एवं दशांश हवन।
श्रीमद्भागवत कथा, संत समागम एवं महा रुद्राभिषेक के वास्तविक दृश्य।

श्रीमद्भागवत कथा में व्यासपीठ से अमृतमयी वाणी एवं कथा वाचन करते आचार्य जी

पूज्य संतों के सानिध्य में आयोजित विशाल आध्यात्मिक समागम के पावन क्षण

कथा के शुभारंभ पर यजमानों एवं मातृशक्ति संग मंगल कलश यात्रा का नेतृत्व करते आचार्य जी

यजमानों एवं श्रद्धालुओं को मंगल आशीष एवं सत्संग मार्गदर्शन प्रदान करते पूज्य आचार्य जी
तिथि निर्धारण, आवश्यक सामग्री, यजमान संकल्प एवं प्रवास व्यवस्था के लिए आचार्य जी से सीधे संपर्क करें।